NASA ने बाइबल को कैसे सच्चा साबित किया: मिसिंग डे --हालांकि वेस्टर्न मुल्को में रहने वाले नास्तिक बाइबल को गलत साबित करने में और उसे और धार्मिक किताबो की तरह मनगढ़न्त कहानियो वाली किताब साबित करने में ऐड़ी चोटी का ज़ोर लगा देते है, पर जैसे-जैसे साइन्स और डेवलोप हो रहा है, वैसे वैसे बाइबल और सच साबित होती जा रही है ।अगर आपको पता न हो तो बता दूँ, की इस वक़्त नासा के आला प्रोग्रामर्स बाइबल के उन किस्सों को सच्ची घटना बता रहे है, जिनको वो पहले मनगढ़न्त कहानिया बता कर मज़ाक बनाते थे, और उन पर गहरी खोज कर रहे है।हाल में ही 'हेरोल्ड हिल' ने बाइबल पर हुई इस नई डिस्कवरी के बारे में खुलासा किया। 'हेरोल्ड हिल' जो की बाल्टीमोर में कर्टिस इंजन कंपनी के प्रेजिडेंट है और स्पेस प्रोग्रामर्स के एक अहम्सलाहकार है।हेरोल्ड हिल ने कहा- "परमेश्वर (खुदा) ने जो लाजवाब और महान बात हमारे लिए रखी थी वो आज हमारे एस्ट्रोनॉट्स और स्पेस साइंटिस्ट के साथ ग्रीन बेल्ट मैरीलैंड में पूरी हुई"।ये एस्ट्रोनॉट और स्पेस विज्ञानिक सूरज,चाँद दूसरे प्लैनेट्स की पोजीशन को स्पेस में जांच रहे थे ये पता लगाने के लिए की आज से 100 या 1000 साल बाद ये तारे स्पेस में कहा होंगे।उन्होंने बताया की हमें इस सच के बारे में जानना था पर हमें डर था, और हम हरगिज़ नहीं चाहते थे की सैटेलाइट(उपग्रह) इनमे से किसी भी प्लेनेट से अपने ऑर्बिट में टकरा जाए। हमको इन ऑर्बिट्स(कक्षा)को इस तरह तय करना था की सैटेलाइट की लाइफ और प्लेनेटस की पोजीशनस के बीच में ताल मेल बैठ सके, वरना हमारा पूरा प्रोजेक्ट किसी भी प्लेनेट का ऑर्बिट में टकराने से बर्बाद हो जाएगा।जब कंप्यूटर के आंकड़े (संख्या,हिसाब) और डाटा सदियो पीछे गया तो वो एक जगह पहुँचकर लाल निशान दिखाकर रुक गया, जिसका मतलब है की या तो जो जानकारी कंप्यूटर में डाली गई है वो गलत है या जो रिजल्ट आया है वो उनके तय किये गए स्टैंडर्ड से मेल नहीं खा रहा है।तब इन विज्ञानिको ने सर्विस डिपार्टमेंट को इस दिक्कत को जांचने के लिए बुलाया, और टेकनिशियन्स ने पूछा की क्या खराबी आई हैं, तब विज्ञानिको को मालूम चला की स्पेस में गुज़रे वक़्त में कही "एकदिन लापता है"(missing day), या एक दिन कही खोया हुआ है, और इस उलझन और दिक्कत को कोई समझ और सुलझा नहीं पा रहा था, और अब उन्हें ये लगने लगा था की वो इस मुश्किल का कोई हल नहीं निकाल पाएंगे।तब उस टीम में मौजूद एक क्रिस्चियन(मसीही) ने बताया की जब में बचपन में सन्डे स्कूल( सन्डे कोबच्चों को जहा बाइबल की शिक्षा दी जाती है) जाता था तब मैंने बाइबल में पड़ा था की एक बार सूरज अपने ठहराए हुए वक़्त में अस्त नहीं हुआ था, इस क्रिस्चियन आदमी पर इसके साथियो ने भरोसा नहीं किया, पर उनके पास भी इस बात का कोई जवाब नहीं था, तो उन्होंने कहा की हमें बाइबल में ये लिखा हुआ दिखाओ, इसने तभी अपनी बाइबल खोली और इन्हें बाइबल में यहोशू की किताब से ये किस्सा पढ़ाया,वहा उन्होंने यहोशू 10:8 में पड़ा जब ख़ुदावन्द(Lord, प्रभु)ने यहोशू से कहा की "उनसे न डर, इसलिए के मैंने उनको तेरे हाथ में कर दिया है;उनमे से एक भी मर्द तेरे सामने खड़ा न रह सकेगा।"पर आगे बाइबल बताती है की यहोशू घबराए हुए थे, क्योंकि अँधेरा होना शुरू हो गया था और यहोशू को दुश्मनो ने घेर लिया था, और उनको डर था की अँधेरा होने पर कही दुश्मन उनसे जीत न जाए।और बाइबल बताती है की यहोशू ने परमेश्वर (खुदा) से मिन्नत की सूरज एक जगह ठहरा रहे और चाँद भी थम जाए, यानि की सूरज अस्त न हो, और यहोशू 10:13 में लिखा है की पूरे दिन सूरज एक ही जगह रुका रहा।साइंटिस्ट ने इस इनफार्मेशन को कंप्यूटर में डाला और फिर वो जब पिछले वक़्त में लौटे तो उन्हें पता चला की जिस मिसिंग डे((missing day,लापता दिन) को ढून्ढ रहे है वो यही है पर फिर भी कही कुछ गड़बड़ थी क्योंकि विज्ञानिको को पूरा एक दिन यानी 24 घंटे ढूंढने थे पर यहोशू के वक़्त में जब सूरज एक जगह ठहर गया था वो वक़्त 23 घंटे 20 मिनट था पर पूरा दिन नहीं, यानी अभी भी चालीस मिनट कही खोये हुए थे, और अगर ये चालीस मिनट नहीं मिलते है तो पूरा जोड़(calculation) गलत हो जाएगा, ये 40 मिनट मिलने बहुत ज़रूरी थे, क्योंकि साइंटिस्टइस बात का पता लगा रहे थे की प्लैनेट्स की 1000 साल बाद क्या पोजीशन होगी जिसका मतलब है की ये गिनती ऑर्बिट में बार बार मल्टीप्लाय(बहुगुणित)होगी, जिससे प्लैनेट्स की 1000 साल बाद सही पोजीशन पता चले और अगर इन आकड़ो में एक सैकेण्ड भी मिस है तो 1000 साल बाद की पूरी कैलकुलेशन बिगड़ जाएगी और यहाँ तो पूरे चालीस मिनट लापता थे।इस क्रिस्चियन आदमी को एक बार फिर बाइबल का एक किस्सा याद आया जब सूरज एक बार भिर रिवर्स हो गया था, ये सुनकर इन साइंटिस्ट ने इस क्रिस्चियन को ठट्टो में उड़ाया और कहा की तुम्हारा दिमाग ख़राब हो चुका है, पर एक बार फिर इन्होंने इस किस्से को बाइबल में 2 राजा नाम की किताब में पड़ा, जहाँ हिजकिय्याह जो की इस्राएल का राजा था मरने पर था, पर यशायाह नबी ने उससे कहा की तू न मरेगा, हिजकिय्याह राजा ने यशायाह नबी से पूछा इसकी क्या निशानी होगी की मैं अच्छा हो जाऊँगा और न मरूँगा, तब यशायाह नबी ने कहा की धूपघड़ी (sundial पुराने वक़्त में जिससे वक़्त का पता लगाते थे) की परछाई या तो दस डिग्री आगे हो जाएगी या दस डिग्री पीछे हो जाएगी, तब हिजकिय्याह ने कहा की ये तो आम बात है की छाया/साया दस डिग्री आगे हो जाए, पर होने दे की धूपघड़ी की परछाई दस डिग्री पीछे हो जाए, (धूपघड़ीकी परछाई पीछे होने का मतलब सूरज का रिवर्स होना है), और बाइबल कहती है की यशायाह नबी ने यहोवा खुदा को पुकार और धूपघड़ी की परछाई पीछे होने के लिए मिन्नत की, और धूपघड़ी की परछाई दस डिग्री पीछे हो गई।हैरत की बात ये है की धूपघड़ी के दस डिग्री 40 मिनट का ही वक़्त लेते है, यानी की जो चालीस मिनट लापता थे वो भी मिल गए थे, यानी की 23 घंटे 20 मिनट तो बाइबल में यहोशू से मिल गए बाकी के 40 मिनट (2 राजा 20:11) में हिजकिय्याह ठीक हुआ और मौत से बचा से मिल गए, और इस तरह ये विज्ञानिक इस मिसिंग डे की गुत्थी को सुलझा पाए।बेशक बाइबल ही खुदा का सच्चा कलाम है, साइंस जितना डेवेलोप होगा, बाइबल दुनिया के लिए(हमारे लिए तो वो सच्ची साबित हो चुकी है) उतनी ही सच्ची साबित होती जाएगी, परमेश्वर अपने वचन को आप ही सिद्ध और सच साबित करते जाएंगे, और जो लोग उसके कलाम पर ऊँगली उठाते है, उनके मुँह बंद करते जाएंगे।

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